भारत की हत्या

“कभी कभी लगता है… लगता है कि वो है ही नहीं।” “देखो उसके घर देर है अंधेर नहीं।” “हुह!!” एक महीने पहले बापू “हुह!!” को अपना आखरी शब्द बनाकर दिल्ली