Posts by Guest Writer

रबर बनाने का नुस्खा

बचपन ज़िन्दगी का सबसे हसीं दौर होता है, है ना? एकदम मस्तमौला सा अंदाज़ होता है। खूब सारी शरारतें, ढेरों मौज़ मस्ती, खेल-हुडदंग, बिलकुल अल्हड़

वैलेंटाइन्स डे

दिन- शनिवार तारीख- 14 फरवरी   “यहाँ मैकडोनल्ड्स में तो नहीं आएँगे ना बजरंग दल, शिवसेना वाले लोग हमें मारने?”, उसने धीरे से पूछा ।

“भावना”

“भावना” – माँ की चहेती और मेरी जुड़वा बहन। कोई उसकी तारीफ़ किये बगैर रहता नहीं था, उसके गोरे गाल, घुंगराले बाल और सबसे अलग थी उसकी झील सी नीली आखें – हम दोनों में कुछ भी एक जैसा नहीं था- उसको मानो भगवान…

My Princess

“Don’t have high hopes, it’s a girl,” my mother says, as she moves out to get a cup of tea for herself. I turn my gaze towards my wife who lay nearby, asleep.